11 दिन बाद झुकी हरियाणा सरकार: दलित युवक गणेश की मौत मामले में FIR दर्ज
11 दिन बाद झुकी हरियाणा सरकार: दलित युवक गणेश की मौत मामले में FIR दर्ज
हिसार (हरियाणा), 18 जुलाई 2025: हिसार में दलित युवक गणेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के 11 दिन बाद हरियाणा सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन, राजनीतिक दबाव और सामाजिक संगठनों की एकजुटता के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पीड़ित परिवार और समाज के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक के बाद सरकार ने परिवार की 5 मुख्य मांगें स्वीकार कर लीं।
सरकार ने मानी पीड़ित परिवार की सभी मांगें
इस बैठक में समाज की ओर से शामिल हुई कमेटी ने निम्नलिखित मांगें रखीं:
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आरोपी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की जाए
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परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिया जाए
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निष्पक्ष जांच की गारंटी
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सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था
सरकार ने सभी मांगों को स्वीकार कर लिया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी खुद हिसार के नागरिक अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार को एफआईआर की कॉपी सौंपी। FIR मिलने के बाद परिजन और समाज के लोगों ने धरना समाप्त किया और मृतक गणेश का अंतिम संस्कार किया गया।
राहुल गांधी के ट्वीट से बढ़ा दबाव
एक दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर ट्वीट कर भाजपा सरकार पर दलित विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। इसके बाद पूरे प्रदेश में विरोध और तेज हो गया। पहले जहां पुलिस खुद को निर्दोष बता रही थी, वहीं अब सरकार ने रुख बदलते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
मंत्री कृष्ण बेदी ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
इस मामले में मंत्री कृष्ण बेदी ने सरकार और समाज के बीच अहम भूमिका निभाई। वीरवार को मृतक के पिता विक्रम, चाचा दिनेश और अन्य प्रतिनिधियों ने कृष्ण बेदी से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री से बातचीत कर सभी मांगों पर सहमति बनी।
मंत्री ने बताया कि सरकार न सिर्फ एफआईआर दर्ज कर चुकी है, बल्कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर भी सहमत हो गई है।
ADGP KK Rao का बयान: "पुलिस निर्दोष है"
इससे पहले गुरुवार को एडीजीपी केके राव ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया था कि पुलिस इस मामले में निर्दोष है। उन्होंने कहा कि पुलिस सिर्फ DJ बंद करवाने गई थी, क्योंकि रात 10 बजे के बाद तेज़ आवाज से आसपास के लोग परेशान हो रहे थे।
उन्होंने बताया कि वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस पर हमला किया गया, मोबाइल छीने गए और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। साथ ही उन्होंने लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए भी पुलिस की सहमति जताई।
निष्कर्ष
गणेश की मौत ने पूरे हरियाणा को झकझोर कर रख दिया। 11 दिन तक संघर्ष के बाद सरकार ने पीड़ित परिवार की मांगें मानीं, जो लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की जीत मानी जा सकती है।
अब निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है, या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह केवल जांच के भरोसे तक सीमित रह जाएगा।
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