सरकार और मीडिया बेकार देश पर महंगाई की मार
सरकार और मीडिया बेकार देश पर महंगाई की मार
महंगाई की मार ओर देश परेशान
देश एक शब्द नहीं है देश तो देश के लोगो से बनता है सबसे पहले देश में रहने वाले लोग आते हैं फिर उन लोगो से मिलकर देश बनता है ओर उस देश को चलाने के लिये हम सरकार को चुनते हैं ताकि देश में रहने वाले लोगों को परेशान ना होना पडे ओर सरकार से सवाल पूछने के लिए ताकी सरकार मनमानी ना करें मीडिया होती है । पर कुछ सालों से देखा गया है कि सरकार अपनी मनमानी करती रहती है । जो मीडिया पहले के समय हमेशा सरकार की नीतियों पर सवाल लगाती थी वो अब चुप हो गई हैं ऐसा लगता कि न्यूज चैनलों को किसी से डर लग रहा है ।आज अगर बात करे महंगाई की तो महंगाई सारे रिकॉर्ड तोड़ दिया गरीब आदमी को समझ नही आ रहा कि वह अब क्या करे पहले बेमतलब की नोट बंदी लगा दी जिससे आज तक नहीं पता कि क्या फायदा हुआ । नोट बन्दी ने व्यपारियों की कमर तोड़ दी । बचा हुआ काम सरकार ने gst लगा कर पूरा कर दिया । आज की बात करे तो पेट्रोल और डीज़ल ओर गैस ने बहुत बुरा हाल किया ह। ओर मज़े की बात तो ये है कि जो मीडिया 450 रुपये के गैस महंगा बताता था वो मीडिया पर चुप है। आज परिस्थिति इतनी खराब हो गई कि 850 रुपये का गैस लेने पर भी कोई नही बोलता पर बोले भी क्या जो लोग बोलते है उन्हें सरकार और कुछ मीडिया के लोग देशद्रोह का आरोप लगा देते हैं या सीबीआई ओर इनकंटेक्स के लोगो को पीछे लगा देते है । इसलिए अब सब चुप चाप सह रहे हैं । बाबा रामदेव जैसे झुठे लोग अब कुछ नहीं बोलते वरना रामदेव तो 400 लाख करोड़ रुपये की ब्लैक मनी की बाते करते थे और कहते थे कि देश मे 1000 रुपये का नोट नही होना चाहिये पर अब जब ये सरकार 2000 रुपये का नोट ले आयी जो कि बेकार की चीज है तो रामदेव चुप चाप बैठे है ।
रामदेव जैसे जूठे लोग यह भी कहते थे कि कांग्रेस की सरकार के बाद नई सरकार 40 रुपये मैं पेट्रोल देगी पर आप सभी जानते है कि पेट्रोल के क्या दाम है।
इतना ही नहीं गैस के दामों ने भी गरीबों की हालत खराब कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते है कि उन्होंने सबको गैस मुहफ़्त मैं दिया पर यह नी बताते की लोग उस गैस को कैसे भरवाये गे ।
अब तो अगले चुनाव का इंतजार है जब इस बेमतलब की सरकार को देश हरा कर फिर से अच्छे दिन लायेंगे।
वरना अब तो हमेशा यही डर रहता हैं पता नी कब प्रधानमंत्री का मूड खराब हो और वो बिना मतलब का कोई फैसला देश पर लाद दे ।

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