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दिवाली (DIWALI) रौशनी और सच्चाई की जीत का त्यौहार

                          दिवाली (DIWALI)



 
दिवाली(DIWALI) क्या है 
?


दिवाली(DIWALI) रोशनी का पांच दिवसीय हिंदू त्यौहार है जो हर

साल अक्टूबर या नवंबर में मनाया जाता है। त्यौहार, जिसे दीपावली के

नाम से भी जाना जाता है, दुनिया भर के हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है

और इसे सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार में से एक माना जाता है। दिवाली 

बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार  है |


दिवाली(DIWALI) कब है ?


दिवाली  अमावस्या  वाले दिन होती है इस साल यानी 2022 मैं दिवाली का त्यौहार24 अक्टूबर, 2022 को मनाया जाएगा।


दिवाली(DIWALI) का अर्थ 


दिवाली हिंदुओं के सबसे बड़ा त्यौहार है | दिवाली "दीपावली" के नाम से भी

जाना जाता है | ‘दीपावली' संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है – दीप +

आवली। ‘दीप’ का अर्थ होता है ‘दीपक’ तथा ‘आवली’ का अर्थ होता है

‘श्रृंखला’, जिसका मतलब हुआ दीपों की श्रृंखला | 


दिवाली(DIWALI) का इतिहास 


दिवाली भारत में सबसे व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्यौहारों में से

एक है, और यह हिंदू कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है।

यह वनवास से भगवान राम की वापसी और बुराई पर अच्छाई की जीत

को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है।


दिवाली के दिन भगवन राम रावण का वध कर भगवान राम 14 वर्षों के

वनवास के बाद अपनी पत्नी सीता, भाई लक्ष्मण और उनके उत्साही

भक्त हनुमान के साथ अयोध्या लौटे थे|


अमावस्या की रात होने के कारण दिवाली के दिन काफी अंधेरा होता

है जिस वजह से उस दिन पुरे अयोध्या को दीप जलाये और सभी अयोध्या

वासियो ने इस दिन बहुत खुशियां मनाई और पुरे नगर भर मैं  दिए

जलाये बस उसी दिन से इस दिन  को दिवाली के रूप मे नाम से जाना

जाता है|दिवाली को अंधेरे पर प्रकाश की जीत के रूप में मनाया जाता है।

दिवाली(DIWALI) त्यौहार की तैयारी 


दिवाली के नजदीक आते ही लोग अपने घरों को दीपक और तरह-तरह के

लाइट से सजाना शुरू कर देते हैं। दीपावली त्यौहार की तैयारियां दिवाली

से कई दिनों पहले ही आरंभ हो जाती है। दिवाली आते ही लोग अपने

घरों की साफ-सफाई करने में जुट जाते हैं | दिवाली पर ऐसी मान्यता है

कि जो घर साफ-सुथरे होते हैं| वहा पर भगवान श्री विष्णु की पत्नी

माता लक्ष्मी विराजमान होती है माता लक्ष्मी को धन की देवी माना

जाता है कहा जाता है की जहा माता लक्ष्मी विराजमान होती है

वहा अपना आशीर्वाद प्रदान करके वहां सुख-समृद्धि में बढ़ोत्तरी करती है।



दिवाली(DIWALI) कैसे मनाई जाती है ?



भारतीयों के लिए दिवाली सबसे शुभ अवसर है। यह उत्सव और समृद्धि

का समय है, जब परिवार अपने घर को सजाते हैं, सीढ़ियों को दीयों से

सजाते हैं, पटाखे फोड़ते हैं, और असीमित मिठाइयों का आनंद लेते हैं|


पारंपरिक रूप से तेल के दीयों और मोमबत्तियों के साथ मनाया जाता है।

इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैंउपहारों का आदान-प्रदान करते हैं

और पटाखे जलाते हैं।


दिवाली के दौरानहिंदू भी लक्ष्मी की प्रार्थना करते हैं | दिवाली की पूर्व

संध्या पर,लोग नए कपड़े पहनते हैं,लालटेन और मोमबत्तियां जलाते हैं

और आतिशबाजी करते हैं। परिवार और दोस्त विशेष खाद्य पदार्थों पर

दावत देने और उपहारों का आदान-प्रदान करने के लिए इकट्ठा होते हैं।

दिवाली के शुभ अवसर पर बाजारों में राम जी, लक्ष्मी जी, गणेश जी,

आदि की मूर्तियों की खरीदारी की जाती है।








दिवाली(DIWALI) रंगोली




दिवाली के त्यौहार पर पटाखे,मिठाईया,के अलावा जो सबसे मह्त्वपूर्ण


चीज है वो है रंगोली घर की लड़किया और महिलाये इस दिन घर के आँगन मैं अलग


अलग रंगो से सुन्दर सुन्दर चित्र बनाती है जिसे रंगोली कहते  है |


 


दिवाली(DIWALI) रंगोली से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल 





1.दिवाली(DIWALI) में रंगोली का क्या महत्व है?



रंगोली एक घर की खुशी, सकारात्मकता और आजीविका का प्रतिनिधित्व करती है,


और इसका उद्देश्य धन और सौभाग्य की देवी लक्ष्मी का स्वागत करना है। ऐसा


माना जाता है कि एक स्वच्छ प्रवेश द्वार और रंगोली के बिना एक हिंदू घर दरिद्र


(दुर्भाग्य) का निवास है। रंगोली का उद्देश्य सजावट से भी है।




2.दिवाली(DIWALI) रंगोली का इतिहास क्या है?





दिवाली के लिए तैयार की गई रंगोली लोपामुद्रा द्वारा बनाई गई सूखी रंगोली है। भारत


के विभिन्न हिस्सों में, रंगोली की उत्पत्ति और उपयोग के बारे में अलग-अलग 


हानियां हैं।गुजरात में, जब भगवान कृष्ण द्वारिका में बस गए, उनकी पत्नी रुक्णी


ने पहली बार रंगोली बनाना शुरू किया।





3.रंगोली(DIWALI) का क्या अर्थ है?



रंगोली की परिभाषा



एक फर्श, आंगन, या अन्य सपाट सतह को सजाने के लिए रंगीन रेत या पाउडर

का उपयोग करके एक पारंपरिक भारतीय कला रूप।




4.दिवाली(DIWALI) की रंगोली किस दिन बनाई जाती है?




प्रत्येक वर्ष दिवाली हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने के 15 वें दिन मनाई जाती है।


यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इस दौरान विभिन्न


अनुष्ठान किए जाते हैं।




5.हिंदू दिवाली(DIWALI) क्यों मनाते हैं?




हिंदू अपने 14 साल के वनवास के बाद देवताओं राम और सीता की अयोध्या 


वापसी का जश्न मनाते हैं। 
 




6. रंगोली कितने प्रकार की होती है?




रंगोली बनाना दो प्रकार का होता है:



रूप: वृत्त, शंकु और रेखाएं भारत में रंगोली के रूप-प्रमुख प्रकार हैं।



 सजावटी: सजावटी रंगोली में पक्षियों, जानवरों, पेड़ों, पंखुड़ियों,


 फूलों और देवताओं के चित्र होते हैं।





          दिवाली(DIWALI) रंगोली फोटो
















 




             5 दिनों की  दिवाली(DIWALI) 


दिवाली(DIWALI) का त्योहार 5 दिनों का होता है।



1.दिवाली(DIWALI) का पहला दिन धनतेरस का होता है जिसमे

 सब चांदी और सोने के आभूषण खरीदते है|


2.दिवाली(DIWALI) का दूसरा दिन नरक चतुर्थी होती है इस दिन को

 छोटी दिवाली भी कहते है | छोटे बच्चें इसी दिन से पटाखे छुड़ाने लग 

 जाते है|


3.दिवाली(DIWALI) का तीसरा दिन त्योहार  का मुख्य दिन होता है।इस

 दिन नए कपड़ें पहनते है अपने घरो को दीपक और रंग बिरंगगी लाइटो से

 सजाते है | तरह तरह की मिठाई खाते है | छोटे बच्चो और अपने सगे

 संबंधियों को उपहारों का आदान-प्रदान करते है , स्वादिष्ट भोजन पर दावत

 देते है और आतिशबाजी के साथ रात को रोशन करते है।


4.दिवाली(DIWALI) के चौथे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है क्योंकि इस

 दिन इंद्र भगवान के क्रोध के कारण मूसलाधार वर्षा हुई जिससे सारा गांव

 पानी से भर गया और तब भगवान कृष्ण ने वर्षा से लोगों को बचाने के लिए

 गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर उठा लिया था।


5.दिवाली(DIWALI) के आखिरी दिन को भाई दूज का त्योहार मनाया

 जाता है|



दिवाली(DIWALI) त्यौहार पर निबंध 10 लाइन

1. दिवाली  दीपों  और  रौशनी  का त्योहार है|

2. दिवाली भारत का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है|

3. दिवाली भगवान राम   जो  चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे उनकी याद में मनाया जाता       है |

4. दिवाली पर मिट्टी के दीपक जलाते हैं|

5. दिवाली  के  त्योहार पर पटाखे  जलाते हैं|

6. दिवाली पर धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

7. दिवाली पर देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं।

8. दिवाली पर सगे संबंधियों  और दोस्तों  के साथ मिठाई और उपहार बांटते हैं।

9. दिवाली पर पटाखे खरीदते हैं और आतिशबाजी का आनंद उठाते हैं।

10 दिवाली पर प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा देने के प्रयत्न करने चाहिए।







 







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